धोखेबाज़ कौन है? वह, या मैं, या दोनों भी?

मान लीजिए…

मैं जहां बसा हुआ हूँ, हिंदी बोलने-वाले लोग बहुत कम रहते हैं. वैसे ही मैं यहाँ पर अकेला हूँ. आमतौर पुर हिन्दी बोलने के मौके तो कभी मिलते भी नहीं.

इसलिए आज जब किसी ने इंडिया से फोन किया मैंने तुरंत हिन्दी में बोलना शुरू किया …

“Hello, may I speak to Mr Wells, please?” (उच्चारण से मैंने पहचान लिया कि यह आदमी हिन्दी या उर्दू का बोलने-वाला था.)

“जी हाँ, बोल रहा हूँ, आप कहाँ से फोन कर रहे हैं?”

“जी? मैं, मैं इंडिया से बोल रहा हूँ. Windows Technical Department के लिए काम करता हूँ, और हम को पता चला है कि आपके कंप्यूटर में कुछ मैलवेर घुस गया है.”

(अच्छा, यह कहानी मैंने कई बार सुनी है, और अच्छी तरह जानता हूँ कि यह एक स्कैम है. लेकिन आमतौर पर ये लोग अंग्रेजी में ही बोलना चाहते हैं. यह मैं पहली बार वही कहानी हिन्दी में सुन रहा था. मेरे लिए मौका…)

“अच्छा? यह तो बुरी बात है. रिपेर तो करना होगा, न? मगर आप पहले यह बताइये कि वहाँ का मौसम कैसा है, आज? कई साल हो चुके हैं जबसे मैं पिछली बार इंडिया में था. और यहाँ सर्दी बहुत है. इंडिया को मैं बहुत मिस करता हूँ.”

“जी हाँ, जी हाँ, यहाँ का मौसम बहुत ख़ूब है. अच्छा, यह तो बहुत ही सीरियस बात है कि आपके  कंप्यूटर में एक वाइरस है. ज़रा ऑन कर दें ताकि हम फिक्स कर सकें.”

“वैसे ही मेरे पास टाइम नहीं है, अभी. मुझको तो बाहर जाना है..”

“प्लीज़, एक दो मिनट लग जाएंगे, बस.”

“अच्छा, ऐसा करें, आप फिर से फोन कर सकते हैं?”

“जी हाँ, जरूर. किस दिन पर?”

“आप मंडे को कर दें.”

“किस टाइम पर?”

“कोई भी टाइम. मैं घर पर हूँगा.”

“अच्छा, मंडे को फिर करूँगा फोन…”

“अच्छा, ठीक है …”

आज का हिन्दी क्लास खतम, बिना खर्च करके. फिर भी, कुछ ठीक नहीं लगता…

About Gordon Wells

Language learner and teacher (English, Gaelic, Hindi and Urdu). Interested in bilingualism and creativity. At home in the Hebrides.

Posted on 18/02/2012, in Uncategorized and tagged , . Bookmark the permalink. 1 Comment.

  1. Gordon Wells

    अच्छा, दो हफ्ते हुए हैं, और वापस नहीं आया फोन, इनसे. लेकिन, एक महिला ने फोन किया, ट्यूज़डे को, किसी दूसरी कंपनी से. वे मेरे बैंक का सॉर्ट कोड और मेरा अकाउंट नंबर चाहती थीं, जो मैं दे नहीं सका. हमारी बात-चीत कुछ लम्बी थी, शायद ५ मिनट, मगर आखिर में उन्होंने हैंग अप किया, मुझ पर. कुछ ऐसा लगता है कि मेरी हिन्दी उतनी अच्छी नहीं है, जितनी थी.😦.

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